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CJP के प्रदर्शन से दिल्ली के खान मार्केट से कनॉट प्लेस तक कारोबार ठप; सुप्रीम कोर्ट पहुंचे व्यापारी, रोजाना हो रहा 50 करोड़ का नुकसान

 Reported By: Anamika Gaur,  Manish Prasad,  Written By: Shivendra Singh
 Published : Oct 16, 2026 01:30 pm IST,  Updated : Oct 16, 2026 01:36 pm IST

दिल्ली के प्रमुख बाजारों खान मार्केट से लेकर कनॉट प्लेस तक के व्यापारियों का कहना है कि प्रदर्शन के डर और रास्ते बंद होने की आशंका से ग्राहक बाजारों में आने से बच रहे हैं। इससे दुकानदारों की कमाई प्रभावित हो रही है, जबकि किराया, कर्मचारियों की तनख्वाह और अन्य खर्चों का बोझ लगातार बना हुआ है।

CJP के प्रदर्शन से...- India TV Hindi
CJP के प्रदर्शन से दिल्ली के कारोबारियों को हो रहा भारी नुकसान Image Source : ANI

दिल्ली में लगातार हो रहे प्रदर्शनों और बैरिकेडिंग का असर खान मार्केट और कनॉट प्लेस के कारोबारियों पर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि प्रदर्शन के कारण ग्राहक बाजारों में आने से बच रहे हैं, जिससे दुकानदारों की कमाई घट रही है। खान मार्केट एसोसिएशन ने दावा किया है कि बाजार को रोजाना करीब 50 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। व्यापारियों ने अपनी परेशानी को लेकर प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है और सुप्रीम कोर्ट में भी अपनी बात सुने जाने की मांग की है।

खान मार्केट एसोसिएशन के मुताबिक, लगातार प्रदर्शनों के कारण ग्राहक बाजार आने से डर रहे हैं। इससे दुकानों का कारोबार प्रभावित हो रहा है और व्यापारियों की रोजी-रोटी पर संकट पैदा हो गया है। एसोसिएशन का कहना है कि यहां एक दुकान का एक दिन का किराया करीब 3 लाख रुपये तक है। ऐसे में ग्राहक नहीं आने पर दुकानदारों के लिए किराया और दूसरे खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। व्यापारियों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट में उनकी बात भी सुनी जाए, क्योंकि प्रदर्शनों के कारण सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान कारोबारियों को उठाना पड़ रहा है।

खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन ने पीएम मोदी को पत्र लिखा
Image Source : INDIA TVखान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन ने पीएम मोदी को पत्र लिखा

कनॉट प्लेस में भी कारोबार पर असर

न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव के मुताबिक, पिछले 5 से 7 दिनों से लगातार प्रदर्शन और प्रतिबंधों के कारण कनॉट प्लेस के कारोबार पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि पहले CJP के प्रदर्शन के दौरान कारोबार सामान्य स्तर के केवल 10 फीसदी तक रह गया था। व्यापारी अभी उस नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे थे कि इसके बाद INDIA ब्लॉक का प्रदर्शन शुरू हो गया। अब आगे होने वाले धरनों को लेकर भी दुकानदार चिंतित हैं। उनका कहना है कि पिछले दो महीनों में कनॉट प्लेस और आसपास के बाजारों के व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है। अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर कारोबार के लिहाज से बेहद अहम महीने हैं। दुकानदारों ने त्योहारों के सीजन को देखते हुए पहले ही सामान खरीदकर स्टॉक कर लिया है, लेकिन ग्राहक नहीं पहुंच रहे।

कनॉट प्लेस में करीब 2000 दुकानें

आपको बता दें कि पूरी कनॉट प्लेस में करीब 2000 के लगभग दुकानें हैं, जिसमें से 1300 से 1400 दुकानें कनॉट प्लेस के इनर सर्कल, मिडिल सर्कल और आउटर सर्कल में हैं। यहां पर ऑफिसेस और कैफे भी हैं। उसके अलावा सेंट्रल पार्क 16 और 17 तारीख को बंद रहेगा। इसके साथ-साथ पालिका बाजार है, जहां पर करीबन 300 के लगभग अंडरग्राउंड दुकानें हैं और यही रास्ता शंकर मार्केट से कनेक्ट होता है, जहां पर करीबन 200 के लगभग दुकान हैं। इसका असर पूरी दुकानदारों पर लगातार पड़ रहा है। 16-17 तारीख को लेकर वो जितना चिंतित हैं, उतना ही कारोबार के 25 प्रतिशत और ठप हो जाने को लेकर हैं, क्योंकि लोगों को डर है और इसी वजह से लोग नहीं आ रहे हैं।

प्रदर्शन के लिए अलग जगह तय करने की मांग

व्यापारियों ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, दिल्ली पुलिस आयुक्त और उपराज्यपाल समेत संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भेजा है। उनकी मांग है कि कनॉट प्लेस जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रदर्शन और बैरिकेडिंग से कारोबार, आम लोगों की आवाजाही और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि विरोध करने के अधिकार और कारोबार दोनों के बीच संतुलन बना रहे।

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